I'm not dumb. I just have a command of thoroughly useless information.
The sadistic pleasure a teacher gets in punishing students, more than compensates for their lousy pay!
Life is full of precluded possibilities!
If you can't win by reason, go for volume.
There's no problem so awful that you can't add some guilt to it and make it even worse.
Mother is the necessity of invention.
The secret to good self-esteem is to lower your expectations to the point where they're already met!
You know how people are. They only recognize greatness when some authority confirms it.
The State Sponsored Terrorism Also Called the Gym Class.
Trusting your parents can be injurious to health.
The world is much nicer if you can get away from it.
There’s an inverse relationship between how good something is for you and how much fun it is.
As far as I'm concerned, if something is so complicated that you can't explain it in 10 seconds, then it's probably not worth knowing anyway.
Friday, November 14, 2008
Thursday, November 13, 2008
ख्वाब
एक अजीब सा एहसास , कौन है वो!!
एक शान्ति , एक आनंद , हाँ मे जनता हूँ ,
कुछ लोग है , जिनकी दुआओ पर मैं जीता हूँ ,
लेकिन ये कोई और था शायद ,
कोई अनजाना , लेकिन अब उसको अनजाना कहना भी ग़लत होगा ,
फ़िर भी एक जिज्ञासा , कौन है वो अनजाना!!
कही ये मेरी खामख्याली तो नहीं ,
हाँ मैं जागते हुए ख्वाब देखता हूँ ,
कुछ ख्वाब यथार्थ मे बदल पाता हूँ ,
लेकिन आज एसा लग रहा है कि , मै ख्वाबों मे जाग रहा हूँ ,
किसी शायर ने कहा है कि , ख्वाबों मे जागते रहना बेख्वाब सोने से तो अच्छा है.
एक शान्ति , एक आनंद , हाँ मे जनता हूँ ,
कुछ लोग है , जिनकी दुआओ पर मैं जीता हूँ ,
लेकिन ये कोई और था शायद ,
कोई अनजाना , लेकिन अब उसको अनजाना कहना भी ग़लत होगा ,
फ़िर भी एक जिज्ञासा , कौन है वो अनजाना!!
कही ये मेरी खामख्याली तो नहीं ,
हाँ मैं जागते हुए ख्वाब देखता हूँ ,
कुछ ख्वाब यथार्थ मे बदल पाता हूँ ,
लेकिन आज एसा लग रहा है कि , मै ख्वाबों मे जाग रहा हूँ ,
किसी शायर ने कहा है कि , ख्वाबों मे जागते रहना बेख्वाब सोने से तो अच्छा है.
Wednesday, November 12, 2008
ऊहापोह
हर सुबह की एक शाम होती है ,
अगर धूप होती है तो छाँव भी होती है ,
हर रात के बाद एक सुबह होती है ,
लेकिन ये कैसी रात है , जिसकी सुबह आती ही नही ,
मैंने तो अपनी आखें बंद भी नहीं की , एक सुबह के आने के इंतजार मै ,
अब एसा लगाने लगा है कि, शायद मै पृथ्वी पर हूँ ही नहीं ,
किसी अनदेखे अनजाने ग्रह पर सूरज की रौशनी की तलाश मे भटक रहा हूँ, शायद जिसका कोई सूरज है ही नहीं,
या फ़िर परिवर्तन आ गया है, सूरज पीले रंग को छोड़कर काला हो गया है,
अगर ये सत्य है तो कैसा है ये परिवर्तन, मानव जीवन के विकास के लिए या विनाश के लिए?
अगर धूप होती है तो छाँव भी होती है ,
हर रात के बाद एक सुबह होती है ,
लेकिन ये कैसी रात है , जिसकी सुबह आती ही नही ,
मैंने तो अपनी आखें बंद भी नहीं की , एक सुबह के आने के इंतजार मै ,
अब एसा लगाने लगा है कि, शायद मै पृथ्वी पर हूँ ही नहीं ,
किसी अनदेखे अनजाने ग्रह पर सूरज की रौशनी की तलाश मे भटक रहा हूँ, शायद जिसका कोई सूरज है ही नहीं,
या फ़िर परिवर्तन आ गया है, सूरज पीले रंग को छोड़कर काला हो गया है,
अगर ये सत्य है तो कैसा है ये परिवर्तन, मानव जीवन के विकास के लिए या विनाश के लिए?
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